भिखारी पाकिस्तान - रामजी रामेष्ट दौदेरिया

शीर्षक -  भिखारी पाकिस्तान 
कवि -  रामजी रामेष्ट दौदेरिया 


इस ने लात मारी उस ने लात मारी 
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बना भिखारी 
दुनिया भीख दे दे कर उस से हारी 
त्राहि त्राहि पाकिस्तानी जनता पुकारी 
मची है पाकिस्तान में भुखमरी 
दिन चल रहे पाकिस्तान के आखरी 


  हिन्दुस्तान को चांद चाहिए
पाकिस्तान को चंदा
क्योकि पाकिस्तान है भिखमंगा
आर्थिक रूप से हो गया तंगा 
हिन्दुस्तान से ले लिया पंगा
हिन्दुस्तान ने कर दिया सारे जग में पाकिस्तान को नंगा
चांद पर लहराएगा हमारा तिरंगा
                                     -  रामजी रामेष्ट दौदेरिया 
रामजी रामेष्ट दौदेरिया 

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