संदेश

राम नाम का गुणगान - रामजी दौदेरिया

चित्र
    शीर्षक -  राम नाम का गुणगान      कवि -  रामजी दौदेरिया  🙏🙏 जय श्री सीताराम  🙏🙏   अब बनेगा राम मंदिर श्री राम का धाम  होगा राम नाम का गुणगान  रहेगी आन मान शान  राम हिंदूओं अभिमान  सिर्फ भारत में ही नहीं  गूँजेगा दुनिया में हर कहीं   एक ही नारा  एक ही जयकारा  होगा सब का एक ही काम  जय श्री राम जय श्री राम  विश्व गूँज उठेगा राम नाम से  राम नाम गूँज रहा घर घर हिन्दुस्तान से  राम नाम है जग से प्यारा  पवित्र है सबसे न्यारा  राम नाम तू जप ले प्यारे  और जग में लगाओ नारे                                      - रामजी दौदेरिया  रामजी दौदेरिया  कवि लेखक 

बढ़ता कोरोना, जमात की भागीदारी - रामजी दौदेरिया

चित्र
रामजी दौदेरिया  शीर्षक - बढ़ता कोरोना और जमात की भागीदारी   कवि  -  रामजी दौदेरिया   अब तक मौलाना साद क्यों पकड़ा नहीं गया?      कानून की जंजीरों क्यों जकड़ा नहीं गया?  मरकज़ से फैलाया कोरोना जिस ने सारे देश में।      छुपा बैठा किसी कोने में किसी वेश में।     प्रशासन देश के गद्दारों को दे सख़्त संदेश।  पकड़ मौलाना को जल्द , भाग ना जाए वो विदेश।  इस ने और इस के जमातियों ने।     मरकज़ की इन जातियों ने।     हम देश के गद्दार हैं खुद बताया।  थूक - थूक कर कोरोना इन्होंने फैलाया।     देश में बढ़ा दिए कोरोना मरीज़।  बो रहे देश में ये नफ़रत के बीज।  अगर सारे जमाती जल्द पकड़े ना पाएंगे। कोरोना के मरीज़ देश में और बढ़ जाएंगे।  अब तक तो लॉकडाउन भी खुल जाता।    एक-एक जमाती अगर पकड़ जाता।  कुछ नेता क्यों जमातियों पर बोल नहीं रहे?   लगता है उन के हितैषी हैं, राज़ खोल नहीं रहे?     जमातियों को खुद आ कर जाँच करवानी चाहिए...

ये नया भारत है - रामजी दौदेरिया

चित्र
शीर्षक - ये नया भारत है  कवि - रामजी दौदेरिया       चीन की जो चालाकी मक्कारी है।       उस के नस - नस में भरी गद्दारी है।            सब से उसकी स्वार्थ की यारी है।  हाथ मिलाकर धोखेबाज़ी करता हर बारी है।       खत्म अब समझो चीन की कहानी सारी है।  निकल जाएगी उसकी की सारी होशियारी है।  १९६२ मत समझ लेना, ये २०२० की तैयारी है।  हमारा एक जवान चीन के एक हज़ार पर भारी है।                                           - रामजी दौदेरिया  रामजी दौदेरिया 

@एपस्टीनफाइल्स, जेफरी एपस्टीन का जाल – रामजी दौदेरिया

चित्र
इंसानियत को शर्मसार करने वाला बहुत ही घिनौना मामला आज हर जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जब इंसानियत हैवानियत बन जाती है, जब पाप चरम की सीमा लांघ जाता है तब सामने आते हैं चमक-दमक में छिपे हुए घिनौने चेहरे। #एपस्टीनफाइल्स। अमेरिकी बिजनेसमैन जेफरी एपस्टीन का बिछाया हुआ वो काला जाल है जिसकी हकीकत एक-एक करके बाहर आ रही हैं, तस्वीरें विडियो, देखकर लग रहा अमीर होने पे आदमी घटिया ही हो जाता है। एपस्टीन फाइल्स दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा यौन अपराध सेक्स रैकेट है। दुनिया में सबसे बड़ा तस्करी का खेल यहां चलता था। 11 साल से लेकर 14 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म ( रेप ) होता था। हैवानों का मन इतने से भी नहीं भरता था, कलयुगी राक्षस उन बच्चियों के अंग काट कर खाते थे। बच्चियों को उनके सामने खाने की तरह परोसा जाता था... एपस्टीन फाइल्स के बारे में जितना पढ़ोगे उतना ही कलेजा फट जाएगा। यह सिर्फ उस आयलैंड  ( द्वीप ) की हकीकत नहीं है बल्कि दुनिया के उन पावरफुल लोगों की हकीकत है, जिन्हें हम महान मानते थे या मानते हैं। हम उन से उम्मीद लगाते है कि वह दुनिया बदलेंगे। एपस्टीन फाइल्स सिर्फ एक केस ...

एक तरफा घटिया कानून का दुरुपयोग – रामजी दौदेरिया

चित्र
विष्णु तिवारी, जिला ललितपुर ग्राम सिलावन उत्तर प्रदेश। बेकसूर विष्णु तिवारी SC/ST ACT के एक झूठे आरोप में 20 साल तक जेल में सजा काटता रहा, और बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसे निर्दोष करार दिया।  यह मामला भारत का सड़ा हुआ सिस्टम कानून का दुरुपयोग, साक्ष्यहीन गिरफ्तारी, और न्याय व्यवस्था की कमजोरियों पर गंभीर सवाल खड़े करता हैं।  मामला वर्ष 2000 का है ललितपुर के सिलावन गाँव की एक महिला ने विष्णु तिवारी पर दुष्कर्म (रेप) और एससी/एसटी Act के तहत झूठा आरोप लगाया।  उस महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस की जांच रिपोर्ट पर सेशन कोर्ट ने वर्ष 2003 में विष्णु को रेप और SC/ST एक्ट के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसके बाद वह आगरा सेंट्रल जेल में बंद रहा।  इस 20 साल लम्बी कानूनी प्रक्रिया के दौरान विष्णु तिवारी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, न मेडिकल रिपोर्ट, न विश्वसनीय गवाह, पुलिस कोई सबूत पेश नहीं कर पाई, जिससे साबित हो गया कि उसे झूठा फंसाया गया। वर्ष 2021 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगातार सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि मामल...

UGC पर क्रेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का बयान या धोखेबाजी। - रामजी दौदेरिया

चित्र
UGC के नए नियम पर मीडिया को दिए बयान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि किसी के साथ उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा। कोई कानून का गलत इस्तेमाल नहीं करेगा, फिर चाहे वो UGC हो, राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार ही क्यों न हो। जो कुछ होगा संविधान के दायरे में ही होगा। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।"  यह सिर्फ एक बयान है कोई गारंटी का दस्तावेज नहीं। नेता किस लेवल पर आकर भारत में झूठी बयानबाजी करते हैं इस देश की जनता भलिभांति जानती है। अगर क्रेंद्र सरकार की नियत सच में ऐसी होती तो कानून में इस तरह के प्रावधान बनाए जाते, नियम में इस तरह का एक भी प्रावधान क्यों नहीं बनाया गया। इसलिए कोई भी इसके बयान का न तो समर्थन करता है न ही उस विश्वास करता है। इसी देश में 80,90% SC ST एक्ट के केस पूरी तरह फर्जी पेंडिंग में पड़े हुए हैं, उन पर आज तक तो कोई सुनवाई हुई नहीं तो क्रेंद्रीय शिक्षा मंत्री के बयान पर विश्वास करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। चौबीस घंटे मोदी मोदी का जाप करने वाले सवर्ण समाज के अंध भक्तों से पूछना चाहता हूं 2014 से लेकर अब तक मोदी सरकार ने कभी शिक्षा को ल...

UGC का नियम और वोट बैंक की राजनीति - रामजी दौदेरिया

चित्र
आरक्षण की मार झेल रहे सवर्ण समाज को अभी तक आरक्षण के कारण बेरोजगारी की समास्या से जूझना पड़ रहा था लेकिन अब UGC के कारण मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को भी सहना पड़ेगा। सामान्य वर्ग के छात्रों के पास न तो कोई आरक्षित कोटा है, न अतिरिक्त सहारा। उनके पास योग्यता और मेहनत है। सवर्ण समाज में जन्म लेना ही आज उनका अपराध बन गया। सामान्य वर्ग का छात्र 70,80,90% अंक लाकर भी मेडिकल, इंजीनियरिंग या सरकारी नौकरी से बाहर हो जाता है, और SC ST वर्ग के छात्र 40,45% अंक लाकर अंदर चला जाता है, तो सवाल सिर्फ़ चयन का नहीं रहता तब सवाल उठता है, क्या इस तरह से भारत विकसित और विश्वगुरु बन पाएगा। भारत को आगे लेकर कौन जाएगा वो लोग जो खुद जाति प्रमाण पत्र का सहारा लेकर चलते हैं। या वो लोग जो अपने दम पर 90% लाने की हिम्मत रखते हैं। सत्ता में बैठे नेताओं को इतनी तो समझ होनी चाहिए कि देश आरक्षण से नहीं योग्य शिक्षण से आगे बढ़ पाएगा तभी विकसित और विश्वगुरु बन पाएगा। नेताओं को समझ है लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण ही वह अपने दिल दिमाग और आंखों पर गांधारी की तरह पट्टी बांध कर बैठ हुए है। UGC का नियम SC ST OBC समाज क...