AI Summit गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद पर राय। रामजी दौदेरिया
गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा AI Summit विवाद सिर्फ एक प्रवक्ता के द्बारा मिडिया को दी गई गलत जानकारी की चूक भर नहीं है, यह हमारी सरकार और हमारे शिक्षण संस्थान के सिस्टम पर एक जोरदार तमाचा है, जो हमारी सरकार तथा सरकार द्बारा चलाए जा रहे संस्थागत संस्कारों की सच्चाई को उजागर करती है। इस प्रकरण में जो बात सबसे अधिक चुभी, वह यह है कि विवाद के बाद लीपापोती करना अपनी सफाई में संवाद करना। इन सब से देश को और अधिक कठोरता प्रतीत हुई है। विवाद के बाद सफाई देने से बेहतर था अपनी ग़लती को स्वीकारना, आत्मचिंतन करना और देश को भरोसा दीलाना कि भविष्य में इस तरह के कार्य नहीं होंगे जिससे देश का सिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुकें। बयानबाजी करना, सुर्खियों में बने रहने की चाहत और पीआर आदि से अधिक प्रभाव हमेशा एक ईमानदार विनम्रता का पड़ता है। दरअसल समस्या सारी उस मानसिकता की है जिससे हम धाराप्रवाह अंग्रेज़ी, आत्मविश्वासी देहभाषा और मंचीय चमक का आकलन करते हैं। अच्छी अंग्रेजी बोलने को ज्ञान, डेवलप या विकसित नहीं कहते है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हम अंग्रेजी अच्छी बोले या अंग्...