संदेश

14 फरवरी काला दिन। रामजी दौदेरिया

चित्र
आज का दिन भारत के इतिहास का काला दिन है। लेकिन बहुत ही दुःख की बात है कि 14 फरवरी को लोग वैलेंटाइनडे के रूप में याद रहते है, और शहीदों का बलिदान भूल जाते हैं। 14 फरवरी 2019 भारत के इतिहास का वो काला दिन जिस दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF जवानों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ। 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए। आज हम उन शहीदों को नमन करते हैं, जिनकी वजह से हम सुरक्षित हैं। उनका साहस, त्याग और देशभक्ति हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी।  इस देश में 14 फरवरी एक काला दिन हो उसी देश के युवा जवानों के बलिदान को भुला कर, वैलेंटाइन डे के रूप में इस दिन का जश्न मनाते हो, उस देश के युवाओं से देशभक्ति राष्ट्रवाद, राष्ट्र सर्वोपरि की भावना की उम्मीद रखना बेईमानी होगी। वीर जवानों को मेरा कोटि-कोटि नमन विनम्र श्रद्धांजलि 🙏 ✍️ रामजी दौदेरिया          लेखक कवि 

राघव चड्ढा राजनीति की नई मिसाल। रामजी दौदेरिया

चित्र
आज की वर्तमान राजनीति में जहां नेताओं द्बारा संसद में सिर्फ हंगामा होता है, समय बर्बाद किया जाता है और आम आदमी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भटकाया जाता है। आज जहां नेता अपनी राजनीतिक फायदे के लिए बेवजह के मुद्दे उछालते हैं। वहीं आज एक नेता ऐसा भी है जो आम आदमी की ढाल बन कर खड़ा है, और आम आदमी के मुद्दों को उठाता है। मैं बात कर रहा हूं राघव चड्ढा की। राघव चड्ढा राजनीति से ऊपर उठकर, पार्टीयों से ऊपर उठकर सच्चे देश भक्त की तरह सिर्फ देश के बारे में सोचते है। अगर हर नेता राघव चड्ढा की तरह हो जाएं तो राष्ट्र विकसित और विश्वगुरु भी बन जाएगा, बाकी आज के लॉलीपॉप देने वाले नेताओं से जनता कोई उम्मीद नहीं रखती।  — रामजी दौदेरिया        लेखक कवि 

बच्चों को बचाने के लिए दी कुर्बानी।

चित्र
मध्यप्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में 2 फरवरी 2026 को हुई एक घटना ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। आज के दौर में जहां लोग एक-दूसरे के जान के प्यासे हैं और सिर्फ अपना स्वार्थ देखते हैं, वहां यह दर्दनाक घटना एक प्रेरणादायक, इंसानियत और कर्तव्य की सच्ची मिसाल बन जाती है।  मधुमक्खियों के अचानक हुए भीषण हमले के बीच आंगनवाड़ी रसोइया कंचनबाई मेघवाल ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना लगभग 20 मासूम बच्चों को बचाने का साहसिक कार्य किया। जब परिसर में अफरा-तफरी मची और बच्चे भय से इधर-उधर भागने लगे, तब उन्होंने अद्भुत धैर्य और जिम्मेदारी दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान खुद पर हुए गंभीर हमले के कारण, इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन उनके इस बलिदान ने समाज को यह संदेश दिया कि सच्चा कर्तव्य वही है जिसमें दूसरों की सुरक्षा अपने जीवन से भी बढ़कर हो। कंचनबाई का साहस और मानवता हमेशा याद रखी जाएगी वह सिर्फ एक रसोइया नहीं, बल्कि बच्चों की रक्षक और सच्ची नायिका थीं। ऐसी विरांगना के साहस को मेरा प्रणाम। विनम्र श्रद्धांजलि ॐ शांति 🙏 ✍️ रामजी दौदेरिया...

राम नाम का गुणगान - रामजी दौदेरिया

चित्र
    शीर्षक -  राम नाम का गुणगान      कवि -  रामजी दौदेरिया  🙏🙏 जय श्री सीताराम  🙏🙏   अब बनेगा राम मंदिर श्री राम का धाम  होगा राम नाम का गुणगान  रहेगी आन मान शान  राम हिंदूओं अभिमान  सिर्फ भारत में ही नहीं  गूँजेगा दुनिया में हर कहीं   एक ही नारा  एक ही जयकारा  होगा सब का एक ही काम  जय श्री राम जय श्री राम  विश्व गूँज उठेगा राम नाम से  राम नाम गूँज रहा घर घर हिन्दुस्तान से  राम नाम है जग से प्यारा  पवित्र है सबसे न्यारा  राम नाम तू जप ले प्यारे  और जग में लगाओ नारे                                      - रामजी दौदेरिया  रामजी दौदेरिया  कवि लेखक 

बढ़ता कोरोना, जमात की भागीदारी - रामजी दौदेरिया

चित्र
रामजी दौदेरिया  शीर्षक - बढ़ता कोरोना और जमात की भागीदारी   कवि  -  रामजी दौदेरिया   अब तक मौलाना साद क्यों पकड़ा नहीं गया?      कानून की जंजीरों क्यों जकड़ा नहीं गया?  मरकज़ से फैलाया कोरोना जिस ने सारे देश में।      छुपा बैठा किसी कोने में किसी वेश में।     प्रशासन देश के गद्दारों को दे सख़्त संदेश।  पकड़ मौलाना को जल्द , भाग ना जाए वो विदेश।  इस ने और इस के जमातियों ने।     मरकज़ की इन जातियों ने।     हम देश के गद्दार हैं खुद बताया।  थूक - थूक कर कोरोना इन्होंने फैलाया।     देश में बढ़ा दिए कोरोना मरीज़।  बो रहे देश में ये नफ़रत के बीज।  अगर सारे जमाती जल्द पकड़े ना पाएंगे। कोरोना के मरीज़ देश में और बढ़ जाएंगे।  अब तक तो लॉकडाउन भी खुल जाता।    एक-एक जमाती अगर पकड़ जाता।  कुछ नेता क्यों जमातियों पर बोल नहीं रहे?   लगता है उन के हितैषी हैं, राज़ खोल नहीं रहे?     जमातियों को खुद आ कर जाँच करवानी चाहिए...

ये नया भारत है - रामजी दौदेरिया

चित्र
शीर्षक - ये नया भारत है  कवि - रामजी दौदेरिया       चीन की जो चालाकी मक्कारी है।       उस के नस - नस में भरी गद्दारी है।            सब से उसकी स्वार्थ की यारी है।  हाथ मिलाकर धोखेबाज़ी करता हर बारी है।       खत्म अब समझो चीन की कहानी सारी है।  निकल जाएगी उसकी की सारी होशियारी है।  १९६२ मत समझ लेना, ये २०२० की तैयारी है।  हमारा एक जवान चीन के एक हज़ार पर भारी है।                                           - रामजी दौदेरिया  रामजी दौदेरिया 

@एपस्टीनफाइल्स, जेफरी एपस्टीन का जाल – रामजी दौदेरिया

चित्र
इंसानियत को शर्मसार करने वाला बहुत ही घिनौना मामला आज हर जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जब इंसानियत हैवानियत बन जाती है, जब पाप चरम की सीमा लांघ जाता है तब सामने आते हैं चमक-दमक में छिपे हुए घिनौने चेहरे। #एपस्टीनफाइल्स। अमेरिकी बिजनेसमैन जेफरी एपस्टीन का बिछाया हुआ वो काला जाल है जिसकी हकीकत एक-एक करके बाहर आ रही हैं, तस्वीरें विडियो, देखकर लग रहा अमीर होने पे आदमी घटिया ही हो जाता है। एपस्टीन फाइल्स दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा यौन अपराध सेक्स रैकेट है। दुनिया में सबसे बड़ा तस्करी का खेल यहां चलता था। 11 साल से लेकर 14 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म ( रेप ) होता था। हैवानों का मन इतने से भी नहीं भरता था, कलयुगी राक्षस उन बच्चियों के अंग काट कर खाते थे। बच्चियों को उनके सामने खाने की तरह परोसा जाता था... एपस्टीन फाइल्स के बारे में जितना पढ़ोगे उतना ही कलेजा फट जाएगा। यह सिर्फ उस आयलैंड  ( द्वीप ) की हकीकत नहीं है बल्कि दुनिया के उन पावरफुल लोगों की हकीकत है, जिन्हें हम महान मानते थे या मानते हैं। हम उन से उम्मीद लगाते है कि वह दुनिया बदलेंगे। एपस्टीन फाइल्स सिर्फ एक केस ...