Israel America vs Iran war !! Ramji Dauderiya Article

अपना फेका हुआ जाल में खुद फंसता हुआ नजर आ रहा है अमेरिका। डोनाल्ड ट्रम्प भी सोच रहा होगा मुझे इस तरह से उड़ता हुआ तीर नहीं लेना चाहिए था। हमेशा सुपर पावर सुपर पावर का राग अलापने वाला अमेरिका का जो सुपर पावर वाला भौकाल बना था वह भी आज दुनिया ने देख लिया। इस युद्ब सुपर पावर ( अमेरिका ) की असली औकात सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोचा था पांच से सात दिन का खेल है, ईरान को पूरी तरह नष्ट कर युद्ध जीत जाएंगे, जिन्हें बड़ा घमंड था कि हम अकेले निर्णायक फैसला कर देंगे, वहीं डोनाल्ड ट्रम्प अब अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। कोई देश इतना मूर्ख नहीं है जो बिना वजह उनके साथ युद्ध में कूद जाएं, यहां तक की नाटो देशों ने भी अमेरिका की मदद की गुहार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अमेरिका ने फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया ब्रिटेन यहां तक कि चीन से भी मदद की गुहार लगाई है। इस युद्ब में कोई आने वाला नहीं है। चीन तो बिल्कुल भी नहीं। चीन ईरान का मित्र है, तथा सुपर पावर वाली दौड़ में वह अमेरिका का दुश्मन है। जितना अमेरिका को युद्ध में नुकसान होगा, चीन का उतना ही फायदा है, चीन तो चाहता ही है कि अमेरिका का ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो। बात ईरान की करें तो ईरान अमेरिका से ज़्यादा शक्तिशाली नहीं है फिर भी एक साथ अमेरिका और इजरायल को टक्कर कैसे दे रहा है। युद्ध में सिर्फ हथियार ही काम नहीं आते, रणनीति सबसे ज्यादा मायने रखती है, सारी दुनिया ने देखा कि ईरान ने कैसे नकली मिसाइलें और लड़ाकू विमान चीन से खरीद कर और लड़ाकू विमान की पेंटिंग बना कर अमेरिका को बेवकूफ बनाया। इस युद्ब में चीन और रूस ईरान के साथ है तभी ईरान इतना लम्बा युद्ध लड़ पा रहा है। चीन और रूस भाले युद्ध में सामने न लड़ें लेकिन वह पीछे से ईरान की हर संभव मदद कर रहे हैं। ईरान अपने देश में खुद मिसाइलों पर मिसाइलें बनाता जा रहा है, अमेरिका या इज़राइल उनकी फैक्ट्री पर मिसाइलें नहीं मार सकते क्योंकि फैक्ट्री अंडरग्राउंड ( जमीन के अंदर ) है। लेकिन कहां है यह किसी को नहीं पता। अब जब काभी भी यह युद्ध समाप्त होगा इसके साथ समाप्त हो जाएगा अमेरिका का सुपर पावर वाला दबदबा भी और दुनिया में अमेरिका की इज्जत भी। भारत की भूमिका बिल्कुल क्लियर है। इस युद्ब जैसे हालातों में मोदी सरकार बहुत सूझ बूझ से अपनी विदेश नीति चला रहे है। अमेरिका से दुनिया के ज्यादातर देश परेशान थे, अमेरिका (ट्रम्प) सोच भी नहीं सकता उसके खिलाफ क्या चक्रव्यूह रचा जा चुका है, इस युद्ब में इज़राइल से ज्यादा नुकसान अमेरिका को झेलना पड़ेगा। अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उस शैतान बच्चे की तरह है जो स्कूल में शैतानी तो बहुत करता है लेकिन पढ़ता बिल्कुल नहीं। 
✍️ रामजी दौदेरिया 
       लेखक/कवि 

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