देखना ये है - रामजी दौदेरिया
शीर्षक - देखना ये है कवि - रामजी दौदेरिया रात तो गुजर ही जाएगी समय के साथ - साथ अब देखना ये है दीप जलाता कौन - कौन हैं अंधेरा तो ढल ही जाएगा समय के साथ - साथ अब देखना ये है उजाला करता कौन - कौन हैं बुरा समय तो टल ही जाएगा समय के साथ - साथ अब देखना ये है साथ आता कौन - कौन हैं मंज़िल तो मिल ही जाएगी रास्ता चलते - चलते अब देखना ये है रास्ते में ठोकरें आती कितनी है सफल तो हो ही जाएंगे महेनत करते - करते अब देखना ये है फल मिलने में देर लगती कितनी है भगवान के दर्शन हो ही जाएंगे भक्ति करते - करते अब देखना ये है भक्ति में शक्ति कितनी है अनुभव तो हो ही गया सफ़र में बढ़ते - बढ़ते अब देखना ये है सही रास्ता बताता कौन - कौन हैं सच्चाई तो बता ही देगे अदालत लगते - लगते अब देखना ये है झूठ बोलता कौन - कौन हैं ज़िंदगी से जंग तो जीत ही जाएंगे लड़ते लड़ते अब देखना ये है मौत से पहले अपना कौन - कौन हैं रात तो गुजर ही जाएगी समय के साथ - साथ अब देखना ये है दीप जलाता कौन ...