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उड़ता बॉलीवुड - रामजी रामेष्ट दौदेरिया

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शीर्षक  -  उड़ता बॉलीवुड   कवि  -  रामजी रामेष्ट दौदेरिया  उड़ रहा है बॉलीवुड में ड्रग्स के धुएँ में       डूब रहें चरसी चरस के कुएँ में  होता था एक जमाने में बॉलीवुड का नाम      कुछ लोगों ने कर दिया इसे बदनाम  ड्रग्स के धुएँ में उड़ता बॉलीवुड है, पंजाब नहीं  चरसियों के मुंह से निकलती अब आवाज नहीं     चरस अफीम से भरी बॉलीवुड की थाली   छेद होना है जरूरी ताकि हो जाए ये खाली    सरहद पार से होता ड्रग्स का व्यापार  बॉलीवुड में भी बढ़ता इस का कारोबार  स्वच्छ भारत अभियान के तहत होनी चाहिए बॉलीवुड की सफाई  बॉलीवुड के नशेड़ियों ने बहुत सारी गंदगी बॉलीवुड में छुपाई                                    -  रामजी रामेष्ट दौदेरिया                                      ...

सत्तर सालों से किसान का हाल वैसे का वैसा ही है, क्या अब तस्वीर बदल पायेगी - रामजी रामेष्ट दौदेरिया

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शीर्षक - क्या अब बदल पाएगा किसान का हाल   कवि -  रामजी रामेष्ट दौदेरिया  सत्तर सालो से किसान का हाल वैसे का वैसा ही है  अब देखना ये है नया बिल से बदलता क्या-क्या है  अब तक बहुत सारे बिल देखे संसद में पारित होते  अब देखना ये है नया बिल से फायदा क्या-क्या है  होगा फायदा या नुकसान मचा घमासान इस सवाल से       कौन परिचित नहीं है आज किसान के हाल से      समस्या वैसी की वैसी ही है ये तो सत्तर साल से  व्यापारी अधिकारी मालामाल हो रहें किसान के माल से     क्या ये नया बिल बचा पाएगा किसान को बेहाल से            कर्ज, बाढ़, सूखा और बढ़ते अकाल से  क्या अब किसान मुक्त हो पाएगा भ्रष्टाचार के जाल से             सत्तर साल से किसान बेहाल  क्या अब बदल पाएगा किसान का हाल                                       ...

हिन्दुस्तान की शान किसान - रामजी रामेष्ट दौदेरिया

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शीर्षक - हिन्दुस्तान की शान किसान   कवि  - रामजी रामेष्ट दौदेरिया  हम करते किसान का गुणगान  हिन्दुस्तान की शान, किसान  जिस के कंधे पर सारे भूमंडल भार है  उस धरती पुत्र को प्रणाम बारंबार है  देश की खुशहाली हरयाली जिस का चमत्कार है  सारी दुनिया को उस किसान पर आभार है  बंजर भूमि में भी उगा दे धान  हिन्दुस्तान की शान, किसान  सारे जग का पेट है भरता   हर मौसम श्रम है करता  सर्दी,गर्मी चाह हो बरसात  सुबह,दोपहर,शाम चाह काली हो रात  राष्ट्र को रखना चाहिए उस के श्रम का मान         हिन्दुस्तान की शान, किसान  किसान की फसल का सही दाम दे सरकार  प्रकृति आपदा में भी मेहनत ना जाए बेकार  फंड बीमा पेंशन किसान का भी अधिकार   एक बार इस पर भी विचार करें सरकार       उन्हें भी मिले उन का सम्मान        हिन्दुस्तान की शान, किसान  धरती से उगाता जो सोना  फिर क्यों पड़ता उन्हें  रोना  कर्ज तले ना दबे ...