आज कल के नेता - रामजी दौदेरिया
शीर्षक - आज कल के नेता कवि - रामजी दौदेरिया * आज कल के नेता देखो आज कल के नेता। नाटक करते ऐसे जैसे सबसे बड़े अभिनेता। पहन के कुर्ता टोपी सफेद,काम करते है काले। जनता को बुरे बताते, खुद बनते हैं भोले भाले। देश में चारों तरफ मचाते हैं घुटाले। मत पड़ना कोई इन के पाले। आज कल का नेता घूस हैं लेता। * आज कल के नेता देखो आज कल के नेता। नाटक करते ऐसे जैसे सबसे बड़े अभिनेता। चुनाव के समय वादे ये कर जाते। चुनाव जीत जाते फिर विकास न कराते, कही नजर न आते। पाँच साल में जेबे अपनी हैं भर जाते। वोट माँगने के लिये फिर हाथ जोड़ आ जाते। जनता की ना सुनते,जनता ने बनाया इन्हें अपने मत से विजेता। * आज कल के नेता देखो आज कल के नेता। नाटक करते ऐसे जैसे सबसे बड़े अभिनेता। कर कर के इन्होंने वादे झूठे। भोली भाली जनता को लूटे। व्यर्थ की करते है बयान बाजी। घुटाले करना बन गया इनकी खाजी। करते है बड़ी बड़ी रैलियाँ। देते हैं एक दूसरे को गालियाँ। हर इंसान इन से बैठा चेता। * आज कल के नेता देखोआज कल के नेता। नाटक करते ऐसे जैसे सबसे बड़े अभिनेता। ...