बच्चों को बचाने के लिए दी कुर्बानी।

मध्यप्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में 2 फरवरी 2026 को हुई एक घटना ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। आज के दौर में जहां लोग एक-दूसरे के जान के प्यासे हैं और सिर्फ अपना स्वार्थ देखते हैं, वहां यह दर्दनाक घटना एक प्रेरणादायक, इंसानियत और कर्तव्य की सच्ची मिसाल बन जाती है। 
मधुमक्खियों के अचानक हुए भीषण हमले के बीच आंगनवाड़ी रसोइया कंचनबाई मेघवाल ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना लगभग 20 मासूम बच्चों को बचाने का साहसिक कार्य किया। जब परिसर में अफरा-तफरी मची और बच्चे भय से इधर-उधर भागने लगे, तब उन्होंने अद्भुत धैर्य और जिम्मेदारी दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान खुद पर हुए गंभीर हमले के कारण, इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। लेकिन उनके इस बलिदान ने समाज को यह संदेश दिया कि सच्चा कर्तव्य वही है जिसमें दूसरों की सुरक्षा अपने जीवन से भी बढ़कर हो। कंचनबाई का साहस और मानवता हमेशा याद रखी जाएगी वह सिर्फ एक रसोइया नहीं, बल्कि बच्चों की रक्षक और सच्ची नायिका थीं। ऐसी विरांगना के साहस को मेरा प्रणाम।
विनम्र श्रद्धांजलि ॐ शांति 🙏
✍️ रामजी दौदेरिया 
        लेखक कवि 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक तरफा घटिया कानून का दुरुपयोग – रामजी दौदेरिया

Israel America vs Iran war !! Ramji Dauderiya Article

2026 UGC का नियम और विवाद । रामजी दौदेरिया